पारिवारिक लाभ योजना यूपी स्टेटस 2026: ₹30,000 दे रही यूपी सरकार कमाने वाले सदस्य के निधन पर

जीवन अनिश्चित है और कभी भी कोई बड़ा दुर्घटना घटित हो सकती है। जब किसी परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य का असामयिक निधन हो जाता है, तो वह परिवार न सिर्फ भावनात्मक रूप से टूटता है, बल्कि आर्थिक संकट का भी सामना करता है। ऐसी विषम परिस्थितियों में उत्तर प्रदेश सरकार की राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना (National Family Benefit Scheme – NFBS) बेसहारा परिवारों के लिए एक मदद का हाथ बढ़ाती है। इस योजना के तहत पात्र परिवारों को ₹30,000 की एकमुश्त आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, ताकि वे इस कठिन समय में अपनी बुनियादी ज़रूरतों को पूरा कर सकें

योजना का सार: एक नज़र में 

विवरण जानकारी
योजना का नाम राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना (National Family Benefit Scheme)
राज्य उत्तर प्रदेश
विभाग समाज कल्याण विभाग, उत्तर प्रदेश
सहायता राशि ₹30,000 (एकमुश्त)
लाभार्थी BPL (गरीबी रेखा से नीचे) परिवार के मृत मुखिया के आश्रित
आवेदन का अंतिम समय मुखिया की मृत्यु की तारीख से 1 वर्ष के भीतर
ऑनलाइन पोर्टल https://nfbs.upsdc.gov.in
भुगतान माध्यम डीबीटी (DBT – Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे बैंक खाते में

किन परिवारों को मिलेगा लाभ? (पात्रता की शर्तें)

इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक को निम्नलिखित शर्तों को पूरा करना होगा। ये सभी शर्तें अनिवार्य हैं:

  1. स्थायी निवासी: आवेदक का परिवार उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए

  2. बीपीएल परिवार: आवेदक परिवार का नाम बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) सूची में होना चाहिए

  3. कमाऊ सदस्य की आयु: निधन के समय मृतक ‘मुख्य कमाने वाले सदस्य’ की आयु 18 वर्ष से अधिक और 60 वर्ष से कम होनी चाहिए। (यदि मुखिया 60 वर्ष या उससे अधिक का था, तो वह इस योजना के लिए पात्र नहीं है)

  4. वार्षिक आय सीमा: परिवार की वार्षिक आय निम्न सीमा से अधिक नहीं होनी चाहिए:

    • ग्रामीण क्षेत्र: अधिकतम ₹46,080 प्रति वर्ष

    • शहरी क्षेत्र: अधिकतम ₹56,460 प्रति वर्ष

  5. समय सीमा: मुखिया की मृत्यु के 1 वर्ष के भीतर ही आवेदन किया जा सकता है

आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज (Required Documents)

आवेदन प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए सभी ज़रूरी दस्तावेज़ पहले से तैयार रखें:

  1. आधार कार्ड (आवेदक एवं मृतक का)

  2. मृतक का मृत्यु प्रमाण पत्र (अस्पताल, नगर पंचायत या तहसील से जारी)

  3. आय प्रमाण पत्र (तहसील द्वारा जारी)

  4. निवास प्रमाण पत्र (जैसे – राशन कार्ड, वोटर आईडी, बिजली बिल)

  5. मृतक का आयु प्रमाण पत्र

  6. बैंक खाता विवरण (पासबुक की प्रति, जो आधार से लिंक हो)

  7. पासपोर्ट साइज फोटो (आवेदक की)

  8. रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर (ओटीपी और स्टेटस अपडेट के लिए)

घर बैठे ऐसे करें आवेदन (Online Application Process)

इस योजना के लिए पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है। आप किसी CSC सेंटर या घर से ही आवेदन कर सकते हैं

  1. आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं: समाज कल्याण विभाग की आधिकारिक वेबसाइट https://nfbs.upsdc.gov.in खोलें

  2. नया पंजीकरण करें: होमपेज पर “नया पंजीकरण” (New Registration) लिंक पर क्लिक करें

  3. आवेदन फॉर्म भरें: खुलने वाले फॉर्म में आवेदक का नाम, पता, आय विवरण तथा मृतक की पूरी जानकारी सही-सही भरें

  4. दस्तावेज़ अपलोड करें: सभी आवश्यक दस्तावेज़ों (जैसे आधार, मृत्यु प्रमाण पत्र) को स्कैन करके अपलोड करें

  5. फाइनल सबमिट करें: सब कुछ सही होने के बाद फॉर्म सबमिट कर दें। सबमिट होते ही आपको एक रजिस्ट्रेशन नंबर (Registration Number) या ट्रैकिंग आईडी मिल जाएगी, जिसे सुरक्षित रख लें

एक बार विभाग द्वारा आपके आवेदन और दस्तावेज़ों का सत्यापन हो जाने पर, सहायता राशि 15 से 30 दिनों के भीतर सीधे आपके बैंक खाते में स्थानांतरित कर दी जाती है

आवेदन की स्थिति कैसे जांचें? (Application Status)

अपने आवेदन की स्थिति जानने के लिए इन स्टेप्स का पालन करें:

  1. आधिकारिक पोर्टल https://nfbs.upsdc.gov.in पर जाएं।

  2. होमपेज पर “आवेदन की स्थिति” (Application Status) या “ज्ञात करें” लिंक पर क्लिक करें

  3. आवेदन नंबर (Registration Number) और पंजीकृत मोबाइल नंबर डालकर OTP प्राप्त करें।

  4. OTP डालने के बाद आपकी स्क्रीन पर आपके आवेदन की वर्तमान स्थिति दिख जाएगी (जैसे – लंबित, अनुमोदित, या अस्वीकृत)।

आवेदन क्यों हो सकता है अस्वीकार? (Rejection Reasons)

अक्सर कुछ छोटी-छोटी गलतियों के कारण आवेदन खारिज हो जाते हैं। इन बातों का ध्यान रखें:

  1. समय सीमा समाप्त: सबसे बड़ी वजह है, मृत्यु के 1 वर्ष बाद आवेदन करना

  2. आय सीमा का उल्लंघन: परिवार की वार्षिक आय सीमा तय से अधिक होना

  3. अपात्र आयु: मृत मुखिया की आयु 18 वर्ष से कम या 60 वर्ष से अधिक होना

  4. अधूरे या गलत दस्तावेज़: आधार कार्ड या मृत्यु प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज़ जमा न करना या उनमें त्रुटि होना।

  5. गैर-बीपीएल परिवार: यदि परिवार बीपीएल सूची में शामिल नहीं है तो आवेदन स्वीकार नहीं होगा

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. क्या इस योजना में ‘मुखिया’ केवल पुरुष को ही माना जाता है?
नहीं, ‘मुखिया’ उस सदस्य को कहा जाता है जो परिवार का भरण-पोषण करता था। यह पुरुष, महिला (पत्नी, बहन, बेटी), पिता या माता कोई भी हो सकता है

2. क्या यह सहायता राशि पहले कम थी?
हाँ, पहले इस योजना के तहत केवल ₹20,000 की सहायता दी जाती थी, जिसे वर्ष 2013 में बढ़ाकर ₹30,000 कर दिया गया

3. क्या इस योजना के लिए किसी मध्यस्थ या एजेंट से संपर्क करना होगा?
बिल्कुल नहीं। यह पूरी तरह एक डीबीटी (DBT) योजना है, जिसके तहत पैसा सीधे लाभार्थी के खाते में भेजा जाता है। किसी भी दलाल या एजेंट से सावधान रहें

4. क्या मैं ऑफलाइन (ऑफ़लाइन) आवेदन कर सकता हूँ?
हालाँकि अधिकांश प्रक्रिया ऑनलाइन है, लेकिन सहायता के लिए आप अपने नज़दीकी जिला समाज कल्याण कार्यालय या ग्राम पंचायत से संपर्क कर सकते हैं। कुछ मामलों में फॉर्म डाउनलोड कर भरकर जमा किए जा सकते हैं

5. क्या दो बार योजना का लाभ लिया जा सकता है?
नहीं, एक परिवार इस योजना का लाभ केवल एक बार ही ले सकता है

6. हेल्पलाइन नंबर क्या है?
आप 1800-419-0001 (टोल-फ्री) नंबर पर कॉल करके योजना से संबंधित किसी भी समस्या का समाधान करा सकते हैं

निवेदन और अस्वीकरण

यह लेख आम जनता को उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण योजना ‘राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना’ के बारे में सही और सटीक जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से लिखा गया है। सभी जानकारी विभिन्न आधिकारिक स्रोतों (जैसे – जिला समाज कल्याण विभागों की वेबसाइट ghaziabad.nic.in, lalitpur.nic.in, etah.nic.in) पर उपलब्ध सार्वजनिक दस्तावेजों पर आधारित है। सरकार समय-समय पर नियमों और प्रक्रियाओं में बदलाव कर सकती है। इसलिए, आवेदन करने से पहले कृपया आधिकारिक वेबसाइट https://nfbs.upsdc.gov.in पर जाकर नवीनतम दिशा-निर्देश अवश्य पढ़ लें। यह जानकारी आपके लिए उपयोगी हो, यही हमारा प्रयास है।

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