अघोष और सघोष वर्ण: aghosh saghosh vyanjan | Aghosh varn kise kahate hain | Saghosh varn kise kahate hain

हिंदी भाषा में ऐसे कई शब्द हैं जिनके उच्चारण में हल्का-सा अंतर होता है। जैसे, ‘क’ और ‘ग’, या ‘च’ और ‘ज’। क्या आपने कभी सोचा है कि ये अंतर क्यों होता है? इसका रहस्य है ‘कंपन’ या ‘घोष’। हिंदी व्याकरण (Hindi Grammar) में वर्णों (letters) को उनके उच्चारण के दौरान स्वरयंत्री (vocal cords) में होने वाले कंपन (vibration) के आधार पर दो वर्गों में बाँटा गया है:

  1. घोष (सघोष) व्यंजन

  2. अघोष व्यंजन

बहुत से विद्यार्थी और परीक्षार्थी इनमें भ्रमित हो जाते हैं, लेकिन यह लेख इसे बेहद आसान बना देगा।

घोष या सघोष व्यंजन (Voiced Consonants)

जब हम किसी वर्ण (letter) का उच्चारण करते हैं और उस समय हमारे गले में मौजूद स्वरयंत्री (स्वर यंत्र) में कंपन (vibration) होता है, यानी गला ‘गूँजता’ या ‘झंकृत’ होता है, तो उन वर्णों को घोष या सघोष व्यंजन कहा जाता है।

इनके उच्चारण में नाद (स्वर) की प्रधानता होती है और आवाज़ साफ़ सुनाई देती है। इन्हें बोलते समय अपने गले पर हाथ रखें; कंपन ज़रूर महसूस होगा।

अघोष व्यंजन (Unvoiced or Voiceless Consonants)

इन वर्णों के उच्चारण के दौरान स्वरयंत्री में कोई कंपन नहीं होता। यानी गला पूरी तरह स्थिर रहता है। उच्चारण में केवल श्वास (साँस) का उपयोग होता है और आवाज़ की गूँज नहीं सुनाई देती।

इन्हें निःश्वासी ध्वनियाँ भी कहा जाता है। जब आप ‘क’ या ‘ख’ बोलते हैं, तो गले पर हाथ रखकर देखें, हल्की साँस तो निकलेगी, लेकिन कोई कंपन महसूस नहीं होगा।

सरल शब्दों में अंतर

विशेषता घोष (सघोष) व्यंजन (Voiced) अघोष व्यंजन (Unvoiced)
स्वरयंत्री की स्थिति स्वरयंत्री में कंपन होता है / गला गूँजता है स्वरयंत्री स्थिर रहता है / कंपन नहीं
उच्चारण का आधार नाद (ध्वनि/गूँज) की प्रधानता श्वास (सिर्फ साँस) की प्रधानता
पहचान का आसान तरीका “आवाज़ में गूँज” “बस हवा”
उदाहरण ग, घ, ज, झ, ड, ढ, द, ध, ब, भ, य, र, ल, व, ह, सभी स्वर क, ख, च, छ, ट, ठ, त, थ, प, फ, श, ष, स
प्रभाव गला काँपता हुआ (feel the buzz) गला शांत (no buzz)

गले पर हाथ रखकर परीक्षण करें: ‘क’ (Aghosh) बनाम ‘ग’ (Ghosh)

रोचक तथ्य (Fun Fact): भाषा विज्ञान (Linguistics) में, अघोष ध्वनियों को ‘Voiceless’ और घोष ध्वनियों को ‘Voiced’ कहा जाता है।

सभी घोष (सघोष) व्यंजनों की सूची

हिंदी व्याकरण के अनुसार, निम्नलिखित सभी वर्ण घोष या सघोष की श्रेणी में आते हैं:

  1. सभी स्वर (Vowels): अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ऋ, ए, ऐ, ओ, औ (स्वभाव से ये सभी घोष होते हैं)。

  2. प्रत्येक वर्ग का तीसरा (3) और चौथा (4) व्यंजन: ग, घ, ज, झ, ड, ढ, द, ध, ब, भ।

  3. प्रत्येक वर्ग का पाँचवाँ (5) या पंचम व्यंजन: ङ, ञ, ण, न, म。

  4. चारों अंतःस्थ व्यंजन: य, र, ल, व।

  5. अन्य: ‘ह’ (यह एक ऊष्म व्यंजन है लेकिन विशेष रूप से घोष के रूप में कार्य करता है)。

सभी अघोष व्यंजनों की सूची

इसके विपरीत, निम्नलिखित वर्ण अघोष वर्ण कहलाते हैं:

  1. प्रत्येक वर्ग का पहला (1) और दूसरा (2) व्यंजन: क, ख, च, छ, ट, ठ, त, थ, प, फ。

  2. विशेष ऊष्म व्यंजन: श, ष, स (तीनों ऊष्म व्यंजन ही; पारंपरिक नियमों के अनुसार ‘ह’ को इस वर्ग में नहीं गिना जाता)。

सुपरफास्ट ट्रिक: कभी न भूलने का जादुई फॉर्मूला

↪️ अघोष की ट्रिक:

“2 + 3” फॉर्मूला: प्रत्येक वर्ग के 2 शुरुआती वर्ण (पहला+दूसरा) + 3 ऊष्म वर्ण (श, ष, स) = अघोष।

🔄 घोष (सघोष) की ट्रिक:

“3 + 4 + 5 + अंतःस्थ + सभी स्वर” फॉर्मूला: प्रत्येक वर्ग के 3, 4, 5 वें वर्ण (ग, घ, ङ… आदि) + 4 अंतःस्थ (य, र, ल, व) + ‘ह’ + सभी 11 स्वर = घोष।

उदाहरण के साथ समझें

वर्ग अघोष (1, 2) घोष (3, 4, 5)
क-वर्ग (Velars) क, ख (अघोष) ग, घ, ङ (घोष)
च-वर्ग (Palatals) च, छ (अघोष) ज, झ, ञ (घोष)
ट-वर्ग (Retroflex) ट, ठ (अघोष) ड, ढ, ण (घोष)
त-वर्ग (Dentals) त, थ (अघोष) द, ध, न (घोष)
प-वर्ग (Labials) प, फ (अघोष) ब, भ, म (घोष)
अंतःस्थ (Approximants) य, र, ल, व (घोष)
ऊष्म (Fricatives) श, ष, स (अघोष) ह (घोष)
स्वर (Vowels) सभी 11 स्वर (घोष)

क्विक रिकैप टेबल

वर्ग/प्रकार अघोष वर्ण (Voiceless) घोष (सघोष) वर्ण (Voiced)
प्रत्येक वर्ग में पहला और दूसरा वर्ण (जैसे, क, ख, च, छ) तीसरा, चौथा और पाँचवाँ वर्ण (जैसे, ग, घ, ङ)
अंतःस्थ व्यंजन – (कोई नहीं) य, र, ल, व
ऊष्म व्यंजन श, ष, स
स्वर वर्ण – (कोई नहीं) सभी 11 स्वर (अ, आ, इ… औ)

कुछ और उदाहरण

  • ‘सज्जन’ शब्द में ‘ज्ज’ का पहला ‘ज’ व्यंजन घोष (सघोष) है।

  • ‘फल’ शब्द में ‘फ’ व्यंजन अघोष है क्योंकि यह ‘प’ वर्ग का दूसरा वर्ण है।

  • ‘हिंदी’ शब्द का पहला वर्ण ‘ह’ घोष है।

  • ‘शिक्षक’ शब्द में ‘श’ (ऊष्म) अघोष है, जबकि ‘क’ (क वर्ग का पहला) भी अघोष है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

प्रश्न 1: क्या ‘ह’ (हकार) अघोष है या घोष?
उत्तर: ‘ह’ (हकार) घोष (सघोष) है। यह एकमात्र ऊष्म व्यंजन है जो घोष की श्रेणी में आता है。बाकि ‘श’, ‘ष’, ‘स’ अघोष हैं।

प्रश्न 2: अघोष और घोष में मुख्य अंतर क्या है?
उत्तर: अघोष वर्णों में स्वर तंत्रियों में कंपन नहीं होता (केवल श्वास प्रयोग होती है), जबकि घोष वर्णों में स्वर तंत्रियों में कंपन होता है (नाद या गूँज सुनाई देती है)।

प्रश्न 3: परीक्षाओं में इस टॉपिक से किस प्रकार के प्रश्न पूछे जाते हैं?
उत्तर: आमतौर पर, प्रश्न पूछा जाता है: “निम्नलिखित में से कौन सा वर्ण अघोष है?” या “घोष और अघोष में क्या अंतर है?” इसलिए, यह टॉपिक CTET, UPTET, SSC, बैंकिंग और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के हिंदी अनुभाग के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

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