
प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के लाभार्थी अक्सर इस बात को लेकर चिंतित रहते हैं कि उनकी तीसरी और आखिरी किस्त कब आएगी। यदि आपने अपने घर का निर्माण पूरा कर लिया है और अब अंतिम किस्त का इंतज़ार कर रहे हैं, तो यह लेख आपके लिए ही है। यहाँ हम आपको तीसरी किस्त से जुड़ी सभी आवश्यक जानकारियाँ देंगे।
पीएम आवास योजना (ग्रामीण) की तीनों किस्तें
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) के तहत लाभार्थियों को तीन किस्तों में वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। प्रत्येक किस्त घर निर्माण के एक विशिष्ट चरण के पूरा होने पर जारी की जाती है, जिसकी ऑनलाइन जाँच अनिवार्य है। अंतिम किस्त यानी तीसरी किस्त घर पूरी तरह तैयार होने पर जारी होती है।
| किस्त | राशि (लगभग) | कब मिलती है? |
|---|---|---|
| पहली किस्त | ₹40,000 | लाभार्थी का नाम स्वीकृत होने और मकान निर्माण शुरू करने पर। |
| दूसरी किस्त | ₹40,000 | मकान की नींव से लेकर लिंटल स्तर (छत की बीम) तक का निर्माण पूरा होने और जियो-टैग फोटो अपलोड होने के बाद। |
| तीसरी किस्त | ₹40,000 | घर का निर्माण पूरी तरह से तैयार हो जाने (छत, दरवाजे, खिड़कियाँ, पलस्तर आदि) और अंतिम निरीक्षण के बाद। |
तीसरी किस्त के लिए ये तीन शर्तें हैं अनिवार्य
तीसरी किस्त स्वतः नहीं आ जाती। इसे प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित तीनों शर्तों का पूरा होना आवश्यक है:
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घर का निर्माण पूर्ण रूप से तैयार हो: आपके घर की सभी दीवारें, छत, दरवाजे, खिड़कियाँ, पलस्तर आदि का काम पूरा हो जाना चाहिए। सिर्फ दीवारें खड़ी करने मात्र से काम नहीं चलेगा; घर रहने लायक पूरी तरह तैयार होना चाहिए।
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समाप्त घर की जियो-टैगिंग फोटो का अपलोड होना: तीसरी किस्त के लिए यह सबसे महत्वपूर्ण शर्त है। आपके तैयार मकान की जीपीएस लोकेशन के साथ फोटो AwaasSoft पोर्टल पर अपलोड होनी चाहिए। यह काम आप स्वयं नहीं कर सकते; यह आपके गाँव के रोजगार सेवक या ग्राम पंचायत के अधिकृत कर्मचारी द्वारा किया जाएगा।
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आधार से जुड़ा बैंक खाता सक्रिय हो: तीसरी किस्त भी डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ अंतरण) के माध्यम से आपके बैंक खाते में आती है। इसलिए यह आवश्यक है कि आपका बैंक खाता आपके आधार नंबर से लिंक हो, खाता सक्रिय हो और NPCI मैपिंग सही हो।
जियो-टैगिंग फोटो अपलोड और सत्यापन के बाद, सामान्य स्थितियों में 15 से 30 कार्यदिवसों के भीतर तीसरी किस्त आपके खाते में आ जानी चाहिए。
तीसरी किस्त से जुड़ी नवीनतम खबरें (2026)
मध्य प्रदेश में लंबित तीसरी किस्त
मध्य प्रदेश की एक महत्वपूर्ण जानकारी के अनुसार, प्रदेश में PMAY-G के तहत लगभग 2 लाख मकानों का निर्माण पूरा हो चुका है, लेकिन केंद्र सरकार ने अभी तक एक भी मकान के लिए तीसरी किस्त जारी नहीं की है। इस मामले पर राज्य सरकार सक्रिय है और केंद्र से इन किस्तों को जल्द जारी करने का आग्रह कर रही है।
नए फंड की स्वीकृति
केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए PMAY-G के तहत कुल ₹10,000 करोड़ के फंड को मंजूरी दी है। राज्यों द्वारा आवश्यक प्रक्रियाएँ पूरी करने के बाद, यह नई राशि विभिन्न किस्तों के रूप में लाभार्थियों के खातों में जारी की जाएगी, जिससे लंबित तीसरी किस्तों का भुगतान किया जा सकेगा।
तीसरी किस्त का स्टेटस ऑनलाइन कैसे चेक करें?
तरीका 1: आधिकारिक वेबसाइट से (सबसे आसान)
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सबसे पहले, PMAY-G की आधिकारिक वेबसाइट pmayg.dord.gov.in खोलें。
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ऊपर दिए गए मेनू में “Stakeholders” पर क्लिक करें, फिर ड्रॉपडाउन से “IAY/PMAYG Beneficiary” चुनें。
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उन्नत खोज (Advanced Search) के लिए अपना आधार नंबर दर्ज करें या फिर राज्य → जिला → ब्लॉक → ग्राम पंचायत चुनकर अपना नाम खोजें।
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सबमिट करने के बाद आपके सामने लाभार्थियों की सूची आ जाएगी, जिसमें किस्तों की जानकारी भी शामिल होगी।
तरीका 2: UMANG ऐप से (मोबाइल पर आसान)
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अपने मोबाइल में UMANG ऐप डाउनलोड करें।
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ऐप में “PM Awas Yojana Gramin” सर्च करें।
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“Installment Details” का विकल्प चुनकर अपनी 12 अंकों की पंजीकरण संख्या दर्ज करें।
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आपकी पूरी भुगतान इतिहास (पेमेंट हिस्ट्री) स्क्रीन पर दिख जाएगी।
अगर आपकी तीसरी किस्त नहीं आ रही है, तो क्या करें?
यदि आपका घर पूरा हो चुका है और सभी शर्तें पूरी होने के बाद भी तीसरी किस्त नहीं आ रही है, तो नीचे दिए गए कदम उठाएँ:
| क्रम | क्या करें? | क्यों और कैसे? |
|---|---|---|
| 1 | पोर्टल पर स्टेटस जाँचें | पहले pmayg.dord.gov.in पर अपनी पेमेंट स्टेटस जाँच लें। कई बार देरी का कारण पोर्टल पर अपडेट न होना होता है। |
| 2 | बैंक खाते की जाँच करवाएँ | अपने बैंक में जाकर पुष्टि कर लें कि NPCI आधार मैपिंग सक्रिय है और खाता सही स्थिति में है। |
| 3 | रोजगार सेवक से संपर्क करें | जाँचें कि क्या तैयार घर की जियो-टैगिंग फोटो सही ढंग से अपलोड हो गई है। |
| 4 | बीडीओ कार्यालय में शिकायत दर्ज करें | यदि समस्या बनी रहती है, तो अपने ब्लॉक विकास अधिकारी (BDO) को लिखित में शिकायत दें। |
| 5 | टोल-फ्री हेल्पलाइन पर कॉल करें | 1800-11-6163 (सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक) पर कॉल करें। |
| 6 | ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें | pmayg.dord.gov.in पर “Public Grievance” के विकल्प पर क्लिक करके शिकायत दर्ज करें। |
| 7 | RTI लगाएँ | यदि सामान्य शिकायत का समाधान नहीं होता है, तो जन सूचना अधिकार (RTI) के तहत बीडीओ कार्यालय से जियो-टैग फोटो की स्थिति और फंड ट्रांसफर की जानकारी निकलवाएँ। |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: तीसरी किस्त आने के लिए सबसे ज़रूरी काम क्या है?
उत्तर: सबसे जरूरी है घर का निर्माण पूर्ण रूप से तैयार करवाना और फिर उसकी **जियो-टैगिंग फोटो AwaasSoft पोर्टल पर अपलोड करवाना। यदि फोटो अपलोड नहीं हुई, तो तीसरी किस्त नहीं आएगी।
प्रश्न 2: क्या मैं खुद जियो-टैगिंग कर सकता हूँ?
उत्तर: नहीं, यह काम आप स्वयं नहीं कर सकते। यह अधिकार केवल सरकार द्वारा प्रशिक्षित रोजगार सेवकों या ग्राम पंचायत के अधिकृत कर्मचारियों को ही है।
प्रश्न 3: अगर तीसरी किस्त नहीं आ रही है, तो मुझे किससे संपर्क करना चाहिए?
उत्तर: सबसे पहले अपने गाँव के रोजगार सेवक से संपर्क करें। यदि वहाँ समाधान न हो, तो BDO कार्यालय में जाएँ या टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-11-6163 पर कॉल करें।
प्रश्न 4: तीसरी किस्त आने के बाद घर बनाने की कोई समयसीमा होती है?
उत्तर: तीसरी किस्त तो अंतिम चरण होता है, लेकिन पहली किस्त मिलने के बाद से लाभार्थी को लगभग 12 महीनों के भीतर अपना मकान पूरा करना होता है।
प्रश्न 5: क्या मुझे तीसरी किस्त पाने के लिए किसी मध्यस्थ को पैसे देने होंगे?
उत्तर: बिल्कुल नहीं। यह पूरी प्रक्रिया पूर्णतः निःशुल्क है। अगर कोई व्यक्ति पैसे लेकर किस्त दिलाने का वादा करता है, तो यह धोखाधड़ी है। ऐसी स्थिति में तुरंत BDO कार्यालय को सूचित करें।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत तीसरी किस्त सबसे अहम होती है, क्योंकि यही आपके घर निर्माण का अंतिम चरण पूरा होने पर दी जाती है। यह किस्त अपने आप नहीं आती; इसके लिए घर का निर्माण पूरी तरह तैयार करवाना और फिर जियो-टैगिंग फोटो अपलोड करवाना अनिवार्य है।


