
बिहार सरकार ने राज्य के अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के किसानों और बेरोजगार युवाओं के लिए एक स्वर्णिम अवसर लेकर आई है। डेयरी व्यवसाय को बढ़ावा देने और आदिवासी समुदाय को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से डेयरी फार्म विकास योजना (Dairy Farm Development Scheme) के तहत पात्र लाभार्थियों को दो दुधारू पशु खरीदने के लिए 100 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। यह योजना गव्य विकास निदेशालय, बिहार सरकार द्वारा चलाई जा रही है। आइए, इस योजना से जुड़ी हर अहम बात विस्तार से जानते हैं।
योजना का उद्देश्य
इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों को डेयरी व्यवसाय से जोड़कर उनकी आय में वृद्धि करना है। सरकार पूंजी का 100% वहन करके उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना चाहती है, ताकि वे बिना किसी शुरुआती निवेश के अपना खुद का रोजगार शुरू कर सकें।
योजना के तहत मिलने वाले लाभ (Benefits)
इस योजना का लाभ उठाकर आप बिना कोई पैसा लगाए डेयरी फार्म की नींव रख सकते हैं।
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100% अनुदान: पात्र लाभार्थियों को दो दुधारू पशु या हिफर (बछिया) खरीदने के लिए पूरी लागत सरकार वहन करेगी।
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अनुदान राशि: एक यूनिट (दो पशु) की स्थापना की कुल लागत ₹1,74,000 निर्धारित की गई है। यह पूरी राशि सरकार द्वारा दी जाएगी।
पात्रता (Eligibility)
इस योजना का लाभ लेने के लिए उम्मीदवार को निम्नलिखित शर्तें पूरी करनी होंगी:
| मानदंड | विवरण |
|---|---|
| निवास | उम्मीदवार बिहार राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए। |
| क्षेत्र | ग्रामीण क्षेत्र में निवास करने वाले ही पात्र होंगे। |
| जाति | उम्मीदवार अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग से संबंधित होना चाहिए। |
| आयु सीमा | आवेदक की आयु 18 से 55 वर्ष के बीच होनी चाहिए। |
| व्यवसाय | किसान, शिक्षित बेरोजगार युवक एवं युवतियां आवेदन कर सकते हैं। |
आवश्यक दस्तावेज (Required Documents)
आवेदन करते समय निम्नलिखित दस्तावेजों की प्रतियां संलग्न करना अनिवार्य है:
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आधार कार्ड
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जाति प्रमाण पत्र (अनुसूचित जनजाति)
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बैंक खाता पासबुक की अपडेट कॉपी
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पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो
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शपथ पत्र (योजना के नियमों का पालन करने हेतु)
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डेयरी फार्मिंग से संबंधित प्रशिक्षण प्रमाण पत्र (यदि हो तो, प्राथमिकता के लिए)
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दुग्ध उत्पादक समिति या जीविका (स्वयं सहायता समूह) की सदस्यता प्रमाण पत्र (यदि हो तो)
आवेदन कैसे करें? (Application Process)
यह योजना पूरी तरह से ऑफलाइन है। आवेदन करने के लिए नीचे दिए गए चरणों का पालन करें:
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सबसे पहले, अपने जिला गव्य विकास कार्यालय (District Dairy Development Office) में जाएं।
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वहां से आवेदन फॉर्म प्राप्त करें या निर्धारित प्रारूप में फॉर्म भरें।
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सभी जानकारी सावधानीपूर्वक और सही-सही भरें।
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ऊपर बताए गए सभी जरूरी दस्तावेजों की स्वयं-सत्यापित प्रतियां फॉर्म के साथ अटैच करें।
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भरे हुए आवेदन फॉर्म को 7 मार्च 2026 से पहले जिला गव्य विकास कार्यालय में जमा कर दें।
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फॉर्म जमा करने के बाद वहां से रसीद (Receipt) जरूर प्राप्त कर लें, जो भविष्य के लिए सबूत का काम करेगी।
नोट: गलत या अधूरी जानकारी वाले आवेदन पत्र बिना किसी सूचना के निरस्त कर दिए जाएंगे।
चयन प्रक्रिया और प्राथमिकता (Selection Process)
आवेदन जमा होने के बाद सही जानकारी का सत्यापन किया जाएगा। लाभार्थियों के चयन में निम्नलिखित को प्राथमिकता दी जाएगी:
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जिन लोगों ने विभाग से डेयरी फार्मिंग का प्रशिक्षण प्राप्त किया हो।
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जो दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति (Dairy Cooperative Society) के सदस्य हों।
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जो जीविका (JEEViKA) के स्वयं सहायता समूह (Self Help Group) से जुड़े हों।
महत्वपूर्ण तिथियां एवं अन्य जानकारी (Important Dates)
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | डेयरी फार्म विकास योजना |
| वित्तीय वर्ष | 2025-26 |
| लाभार्थी वर्ग | अनुसूचित जनजाति (ST) |
| अनुदान राशि | ₹ 1,74,000 (100%) |
| आवेदन शुरू | 26 फरवरी 2026 |
| आवेदन की अंतिम तिथि | 7 मार्च 2026 |
| आवेदन का तरीका | ऑफलाइन (जिला गव्य विकास कार्यालय) |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रश्न: क्या इस योजना का लाभ सामान्य वर्ग का व्यक्ति ले सकता है?
उत्तर: नहीं, यह योजना विशेष रूप से बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के किसानों और बेरोजगार युवाओं के लिए है।
प्रश्न: क्या मुझे सिर्फ पशुओं की खरीद के लिए पैसे मिलेंगे या फार्म बनाने के लिए भी?
उत्तर: मूल लेख के अनुसार, यह अनुदान दो दुधारू पशु/हिफर खरीदने के लिए दिया जा रहा है। फार्म के निर्माण के लिए अलग से कोई राशि इस योजना में शामिल होने की जानकारी नहीं है।
प्रश्न: क्या आवेदन के लिए प्रशिक्षण प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है?
उत्तर: यह अनिवार्य नहीं है, लेकिन यदि आपके पास डेयरी फार्मिंग का प्रशिक्षण प्रमाण पत्र है, तो चयन प्रक्रिया में आपको प्राथमिकता मिलने की संभावना अधिक है।
प्रश्न: क्या मैं ऑनलाइन आवेदन कर सकता हूँ?
उत्तर: नहीं, इस योजना के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया पूरी तरह ऑफलाइन है। आपको स्वयं जिला कार्यालय जाकर फॉर्म जमा करना होगा।
प्रश्न: अगर मैं तिथि निकल जाने के बाद आवेदन करूं तो क्या होगा?
उत्तर: अंतिम तिथि 7 मार्च 2026 के बाद प्राप्त होने वाले किसी भी आवेदन पत्र पर विचार नहीं किया जाएगा। इसलिए समय रहते आवेदन करना बेहद जरूरी है।
निष्कर्ष
बिहार सरकार की यह पहल अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए एक सुनहरा अवसर है। ₹1.74 लाख का 100% अनुदान डेयरी व्यवसाय शुरू करने के सपने को साकार कर सकता है। अगर आप पात्र हैं और डेयरी फार्मिंग में रुचि रखते हैं, तो देरी न करें। जल्द से जल्द अपने जिला गव्य विकास कार्यालय से संपर्क करें और 7 मार्च 2026 से पहले आवेदन सुनिश्चित करें।


