
चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने फेफड़ों की गंभीर बीमारी से पीड़ित श्रमिकों के पुनर्वास के लिए एक नई नीति अधिसूचित की है। इसके तहत पात्र श्रमिकों को 5 लाख रुपये तक की एकमुश्त आर्थिक सहायता के साथ-साथ मासिक पेंशन और अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभ भी प्रदान किए जाएंगे।
यह पहल औद्योगिक श्रमिकों के स्वास्थ्य और कल्याण को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह नीति राज्य में 10 साल पुरानी ‘हरियाणा सिलिकोसिस पुनर्वास नीति’ का स्थान लेगी।
योजना का अवलोकन
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| नीति का नाम | हरियाणा न्यूमोकोनियोसिस पुनर्वास नीति 2026 |
| लागू करने वाला विभाग | हरियाणा श्रम विभाग |
| लाभार्थी | न्यूमोकोनियोसिस (सिलिकोसिस, एस्बेस्टोसिस, बायसिनोसिस, बैगासोसिस) से पीड़ित श्रमिक |
| एकमुश्त सहायता राशि | ₹5,00,000 (पांच लाख रुपये) तक |
| मासिक पेंशन (श्रमिक) | ₹4,000 प्रति माह (ILO मानदंडों के अनुसार) |
| मासिक पेंशन (आश्रित) | ₹3,500 प्रति माह (श्रमिक की मृत्यु की स्थिति में) |
| कार्य अनुभव | हरियाणा के संबंधित उद्योगों में न्यूनतम 5 वर्ष |
| इलाज की सुविधा | ESI या सरकारी अस्पतालों में निःशुल्क चिकित्सा |
| आश्रितों के लिए शिक्षा एवं विवाह सहायता | हाँ (सरकारी नियमों के अनुसार) |
नीति का उद्देश्य और पात्रता (Eligibility & Objective)
इस नीति की आवश्यकता क्यों है?
हरियाणा में बड़ी संख्या में श्रमिक खनन, निर्माण, सीमेंट और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में काम करते हैं। इन उद्योगों में लंबे समय तक काम करने से श्रमिकों के फेफड़ों में धूल और हानिकारक पदार्थ जमा हो जाते हैं, जिससे सिलिकोसिस और एस्बेस्टोसिस जैसी गंभीर बीमारियाँ हो जाती हैं। यह नीति ऐसे श्रमिकों को आर्थिक और चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए बनाई गई है।
कौन से रोग इस नीति के दायरे में आते हैं?
निम्नलिखित चार प्रमुख व्यावसायिक फेफड़ों के रोग इस नीति के अंतर्गत कवर किए जाते हैं:
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सिलिकोसिस (Silicosis): खनन, पत्थर तोड़ने, रेत उद्योग में होने वाला रोग。
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एस्बेस्टोसिस (Asbestosis): एस्बेस्टस युक्त उद्योगों में होने वाला रोग।
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बायसिनोसिस (Byssinosis): कपड़ा उद्योग (कॉटन मिल) में काम करने वालों में होने वाला रोग।
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बैगासोसिस (Bagassosis): गन्ने के छिलके (बैगास) से जुड़े उद्योग में होने वाला रोग。
पात्रता मानदंड क्या हैं?
इस नीति का लाभ उठाने के लिए श्रमिकों को निम्नलिखित शर्तों को पूरा करना होगा:
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हरियाणा का निवासी: आवेदक हरियाणा राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए।
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कार्य अनुभव: उसे हरियाणा के किसी औद्योगिक प्रतिष्ठान में कम से कम 5 वर्षों तक कार्य किया हो।
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रोग का प्रमाणीकरण: उसे ‘न्यूमोकोनियोसिस डायग्नोसिस बोर्ड’ (Pneumoconiosis Diagnosis Board) द्वारा प्रमाणित होना चाहिए कि वह सूचीबद्ध बीमारियों से पीड़ित है।
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आय सीमा: परिवार की वार्षिक आय सरकार द्वारा निर्धारित सीमा से अधिक नहीं होनी चाहिए (BPL मानदंड लागू)。
मिलने वाले लाभ (Benefits & Financial Assistance)
इस नीति के तहत श्रमिकों को निम्नलिखित प्रकार की सहायता प्रदान की जाएगी:
| लाभ का प्रकार | राशि/विवरण |
|---|---|
| पुनर्वास सहायता | ₹5,00,000 (एकमुश्त) |
| मासिक पेंशन (श्रमिक) | ₹4,000 प्रति माह (ILO मानदंडों के अनुसार रोग की गंभीरता के आधार पर) |
| आश्रित पेंशन | श्रमिक की मृत्यु की स्थिति में पत्नी/पति को ₹3,500 प्रति माह पेंशन |
| अंतिम संस्कार सहायता | मृत्यु पर ₹15,000 |
| चिकित्सा सुविधा | ESI या सरकारी अस्पतालों में निःशुल्क इलाज |
| शिक्षा एवं विवाह सहायता | आश्रित बच्चों की शिक्षा और बेटियों के विवाह के लिए वित्तीय सहायता |
Important Note: यदि प्रमाणित श्रमिक की योजना का लाभ लिए बिना ही मृत्यु हो जाती है, तो उसके आश्रितों को यह एकमुश्त राशि प्रदान की जाएगी।
प्रमाणीकरण प्रक्रिया (Certification Process)
इस योजना का लाभ उठाने के लिए सबसे पहले श्रमिक का रोग प्रमाणित होना आवश्यक है। इसके लिए ‘न्यूमोकोनियोसिस डायग्नोसिस बोर्ड’ का गठन किया गया है। यह बोर्ड मरीज की मेडिकल जांच करेगा और प्रमाण पत्र जारी करेगा। प्रमाण पत्र प्राप्त करने के बाद श्रमिक या उसके आश्रित श्रम विभाग में दावा कर सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: यदि मेरी बीमारी इस सूची में नहीं है, तो क्या मैं आवेदन कर सकता हूँ?
उत्तर: नहीं, इस नीति का लाभ केवल सूचीबद्ध बीमारियों (सिलिकोसिस, एस्बेस्टोसिस, बायसिनोसिस, बैगासोसिस) से पीड़ित श्रमिकों को ही दिया जाएगा।
प्रश्न 2: एकमुश्त सहायता राशि कब और कैसे मिलेगी?
उत्तर: राशि का भुगतान ‘प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT)’ के माध्यम से सीधे श्रमिक के बैंक खाते में किया जाएगा।
प्रश्न 3: यदि कोई श्रमिक पहले से पेंशन ले रहा है, तो क्या वह इस योजना का लाभ उठा सकता है?
उत्तर: हाँ, यदि वह न्यूमोकोनियोसिस से पीड़ित है और प्रमाणीकरण बोर्ड द्वारा प्रमाणित है, तो वह इस लाभ का हकदार होगा।
प्रश्न 4: क्या सरकारी कर्मचारी इस योजना के लिए पात्र हैं?
उत्तर: सामान्यतः यह योजना निजी उद्योगों में कार्यरत श्रमिकों के लिए है। अधिक जानकारी के लिए श्रम विभाग से संपर्क करें।


