जयपुर। राजस्थान सरकार ने रबी विपणन वर्ष 2026 के लिए किसानों की आय को सुरक्षित करने हेतु बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश में सरसों एवं चना की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों में क्षेत्रवार पंजीकरण एवं खरीद तिथियाँ निर्धारित कर दी गई हैं, ताकि किसानों को अधिकतम सुविधा मिल सके। यह पहल किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने तथा उन्हें बाजार के उतार-चढ़ाव से सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से की गई है।
1. योजना का उद्देश्य: किसानों की आय का संरक्षण
इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को उनकी फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य सुनिश्चित करना है, जिससे वे मंडी के दबाव में अपनी उपज कम दामों पर बेचने को मजबूर न हों। राज्य सरकार ने राजफेड (राजस्थान राज्य सहकारी विपणन संघ) को नोडल एजेंसी नियुक्त किया है, जो पूरी प्रक्रिया का संचालन करेगी। इस वर्ष विशेष ध्यान रखा गया है कि खरीद प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी, ऑनलाइन और समयबद्ध हो।
2. क्षेत्रवार खरीद कार्यक्रम (तालिका 1)
किसानों की सुविधा के लिए राज्य को दो क्षेत्रीय समूहों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक समूह के लिए पंजीकरण और खरीद की अलग-अलग तिथियाँ निर्धारित हैं:
| क्षेत्रीय कार्यालय (समूह) | शामिल जिले (उदाहरण) | ऑनलाइन पंजीकरण प्रारंभ | खरीद प्रारंभ तिथि |
|---|---|---|---|
| प्रथम समूह | कोटा, अजमेर, भरतपुर, श्रीगंगानगर संभाग | 15 मार्च 2026 | 25 मार्च 2026 |
| द्वितीय समूह | जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, बीकानेर संभाग | 20 मार्च 2026 | 1 अप्रैल 2026 |
विशेष निर्देश: प्रथम समूह के जिलों में खरीद 25 मार्च से प्रारंभ हो चुकी है, जबकि द्वितीय समूह के जिलों में 1 अप्रैल से यह प्रक्रिया शुरू होगी। किसान अपने जिले के अनुसार ही पंजीकरण एवं खरीद तिथि का पालन करें।
3. एमएसपी दरें एवं खरीद लक्ष्य (तालिका 2)
केंद्र सरकार द्वारा घोषित एमएसपी के अनुसार राजस्थान में सरसों और चना की खरीद की जाएगी। राज्य सरकार ने इस वर्ष के लिए स्पष्ट खरीद लक्ष्य भी निर्धारित किया है:
| फसल | एमएसपी (प्रति क्विंटल) | राज्य में खरीद लक्ष्य (लाख टन) |
|---|---|---|
| सरसों | ₹ 6,200 | 13.78 |
| चना | ₹ 5,875 | 5.53 |
यदि आवश्यकता होती है तो राज्य सरकार इन लक्ष्यों में वृद्धि कर सकती है, ताकि अधिक से अधिक किसान इस योजना का लाभ उठा सकें।
4. पंजीकरण प्रक्रिया: आवश्यक दिशा-निर्देश
इस वर्ष केवल ऑनलाइन पंजीकरण ही मान्य होगा। बिना पंजीकरण के कोई भी किसान खरीद केंद्र पर अपनी उपज नहीं बेच सकेगा। पंजीकरण के लिए निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना आवश्यक है:
-
बायोमीट्रिक सत्यापन अनिवार्य: खरीद के समय किसान की बायोमीट्रिक पहचान (आधार आधारित) की जाएगी। अतः पंजीकृत मोबाइल नंबर एवं आधार कार्ड साथ रखना अनिवार्य है।
-
एसएमएस सूचना: पंजीकरण पूर्ण होने के बाद किसानों को उनके मोबाइल नंबर पर खरीद केंद्र, तिथि एवं समय की सूचना भेजी जाएगी। निर्धारित तिथि पर ही केंद्र पर जाएं।
-
एफएक्यू मानक: केवल एफएक्यू (फेयर एवरेज क्वालिटी) मानदंडों को पूरा करने वाली फसल की ही खरीद की जाएगी। फसल साफ, सूखी एवं नमी रहित होनी चाहिए।
-
समय सीमा: निर्धारित तिथि से अधिकतम 10 दिनों के भीतर ही तुलाई (वजन) करवाना अनिवार्य है, अन्यथा भुगतान में देरी हो सकती है।
5. आवश्यक दस्तावेजों की सूची
पंजीकरण एवं खरीद प्रक्रिया में शामिल होने के लिए किसानों को निम्नलिखित दस्तावेज तैयार रखने होंगे:
-
आधार कार्ड (स्वयं एवं परिवार के सदस्य)
-
भूमि स्वामित्व के दस्तावेज (खतौनी / पट्टा)
-
बैंक खाता पासबुक (जिससे डीबीटी से भुगतान प्राप्त हो)
-
पंजीकृत मोबाइल नंबर (एसएमएस सूचना के लिए)
-
फसल की बिक्री के लिए स्व-घोषणा पत्र (यदि आवश्यक हो)
6. सहायता हेल्पलाइन एवं खरीद केंद्र
किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए राज्य सरकार ने एक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। साथ ही, सभी जिलों में पर्याप्त संख्या में खरीद केंद्र स्थापित किए गए हैं।
-
टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर: 1800-180-6001
-
खरीद केंद्र: उदाहरण के लिए, जयपुर जिले में 42 खरीद केंद्र बनाए गए हैं। अन्य जिलों में भी इसी प्रकार केंद्र स्थापित हैं। किसान हेल्पलाइन या संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय से अपने नजदीकी केंद्र की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रश्न 1: इस योजना का लाभ कौन-कौन से किसान ले सकते हैं?
उत्तर: राजस्थान के वे सभी किसान जिनके पास भूमि स्वामित्व के वैध दस्तावेज हैं और जिन्होंने सरसों या चना की खेती की है, वे इस योजना में पंजीकरण कर सकते हैं। बिना भूमि के काश्तकार किसानों के लिए भी उचित दस्तावेजों के साथ पंजीकरण की व्यवस्था है।
प्रश्न 2: क्या ऑफलाइन पंजीकरण की सुविधा है?
उत्तर: नहीं, इस वर्ष केवल ऑनलाइन पंजीकरण ही मान्य होगा। यदि किसान स्वयं ऑनलाइन आवेदन नहीं कर पाते, तो वे नजदीकी सीएससी सेंटर या सहकारी समिति कार्यालय में जाकर अपना पंजीकरण करवा सकते हैं।
प्रश्न 3: यदि मैं निर्धारित तिथि पर खरीद केंद्र नहीं जा पाता हूँ, तो क्या होगा?
उत्तर: निर्धारित तिथि से अधिकतम 10 दिनों के भीतर ही तुलाई करवाई जा सकती है। इस अवधि के बाद आपको पुनः नई तिथि के लिए प्रतीक्षा करनी पड़ सकती है। अतः निर्धारित समय पर केंद्र पर उपस्थित होना लाभकारी है।
प्रश्न 4: एफएक्यू मानक क्या है? फसल में नमी की कितनी मात्रा स्वीकार्य है?
उत्तर: एफएक्यू का अर्थ है ‘उचित औसत गुणवत्ता’। सरसों और चना दोनों के लिए नमी की अधिकतम मात्रा 8 से 10 प्रतिशत निर्धारित है। इससे अधिक नमी होने पर फसल खरीद के योग्य नहीं मानी जाएगी। फसल को साफ, सूखा और विदेशी मिलावट से मुक्त रखना चाहिए।
प्रश्न 5: भुगतान कितने दिनों में और कैसे होगा?
उत्तर: तुलाई (वजन) के बाद भुगतान डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण) के माध्यम से सीधे किसान के बैंक खाते में भेजा जाता है। आमतौर पर यह प्रक्रिया 7 से 10 कार्य दिवसों में पूर्ण हो जाती है। भुगतान में किसी भी देरी की स्थिति में हेल्पलाइन पर संपर्क करें।
प्रश्न 6: क्या एक किसान अपनी पूरी उपज बेच सकता है या कोई सीमा है?
उत्तर: राज्य सरकार द्वारा तय खरीद लक्ष्य के अंतर्गत ही खरीद की जाती है। हालांकि, यदि पंजीकृत किसानों की उपज निर्धारित लक्ष्य से अधिक आती है, तो सरकार अतिरिक्त खरीद की व्यवस्था भी कर सकती है। प्राथमिकता उन किसानों को दी जाती है जिन्होंने समय पर पंजीकरण कराया है।
निष्कर्ष
राजस्थान सरकार द्वारा सरसों एवं चना की एमएसपी पर खरीद का यह अभियान किसानों के लिए एक स्वर्णिम अवसर है। समय पर ऑनलाइन पंजीकरण, आवश्यक दस्तावेजों की तैयारी और निर्धारित तिथियों का पालन करके किसान अपनी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित कर सकते हैं। किसी भी प्रकार की समस्या या जानकारी के लिए टोल-फ्री नंबर 1800-180-6001 पर संपर्क करें। इस योजना का लाभ उठाकर अपनी आय को सुरक्षित रखें और राज्य की खाद्य सुरक्षा में अपना योगदान दें।