
बिहार के किसान भाइयों के लिए एक अच्छी खबर है। राज्य सरकार की बिहार राज्य फसल सहायता योजना (Bihar Rajya Fasla Sahayta Yojana) के तहत रबी मौसम 2025-26 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक आपदा, कीट प्रकोप या किसी अन्य कारण से हुई फसल क्षति की आर्थिक भरपाई कर किसानों को सहारा देना है।
योजना की मुख्य जानकारी एक नजर में
सबसे पहले, योजना के प्रमुख बिंदु इस तालिका के माध्यम से समझें:
| विवरण | विवरण |
|---|---|
| योजना का नाम | बिहार राज्य फसल सहायता योजना (रबी 2025-26) |
| उद्देश्य | प्राकृतिक आपदा/किसी कारणवश हुई फसल क्षति का आर्थिक मुआवजा |
| लाभार्थी | रैयत (जमींदार), गैर-रैयत (बटाईदार) एवं आंशिक रैयत किसान |
| मुख्य फसलें | गेहूं, रबी मक्का, ईख, सरसों, मसूर, आलू, प्याज, गोभी आदि |
| आवेदन का तरीका | केवल ऑनलाइन (योजना पोर्टल पर) |
| क्षतिपूर्ति सीमा | अधिकतम 2 हेक्टेयर भूमि तक |
कौन कर सकता है आवेदन? (पात्रता)
इस योजना का लाभ बिहार के निम्नलिखित तीनों श्रेणियों के किसान उठा सकते हैं:
-
रैयत किसान: वे किसान जो अपनी स्वयं की भूमि पर खेती करते हैं।
-
गैर-रैयत किसान: वे किसान जो दूसरों की भूमि (किराए या बटाई पर) पर खेती करते हैं।
-
आंशिक रैयत किसान: वे किसान जो अपनी भूमि के साथ-साथ दूसरों की भूमि पर भी खेती करते हैं।
महत्वपूर्ण शर्त: योजना में आवेदन करने के लिए किसान का बिहार कृषि विभाग के डीबीटी (DBT) पोर्टल पर पंजीकृत होना अनिवार्य है। पहले से पंजीकृत किसान सीधे आवेदन कर सकते हैं, जबकि नए किसानों को पहले DBT पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा।
आवेदन कैसे करें? (चरण-दर-चरण प्रक्रिया)
-
पंजीकरण सुनिश्चित करें: सबसे पहले सुनिश्चित करें कि आप कृषि विभाग के डीबीटी पोर्टल पर पंजीकृत हैं।
-
योजना पोर्टल पर जाएँ: बिहार राज्य फसल सहायता योजना के आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल पर जाएँ।
-
लॉगिन करें: अपने डीबीटी पोर्टल के लॉगिन क्रेडेंशियल्स (उपयोगकर्ता नाम/पासवर्ड) का उपयोग करके लॉगिन करें।
-
फॉर्म भरें और दस्तावेज अपलोड करें:
-
आवेदन फॉर्म में खाता संख्या, खेसरा नंबर, थाना नंबर, फसल का प्रकार और बोया गया क्षेत्र (रकबा) आदि की सटीक जानकारी भरें।
-
एंड्रॉइड मोबाइल फोन से जीपीएस सक्षम 2-3 तस्वीरें खींचकर अपलोड करें। इन तस्वीरों में आवेदक किसान और क्षतिग्रस्त फसल स्पष्ट रूप से दिखाई देनी चाहिए।
-
-
फॉर्म जमा करें: सभी जानकारी भरने और दस्तावेज अपलोड करने के बाद फॉर्म का अंतिम सबमिशन कर दें।
कितनी मिलेगी आर्थिक सहायता? (मुआवजा राशि)
फसल की क्षति के स्तर के आधार से किसानों को निम्नानुसार आर्थिक सहायता दी जाएगी:
-
यदि उपज में 20% या उससे कम की कमी हुई है: 7,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से अधिकतम 15,000 रुपये (2 हेक्टेयर तक)।
-
यदि उपज में 20% से अधिक की कमी हुई है: 10,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से अधिकतम 20,000 रुपये (2 हेक्टेयर तक)।
ध्यान दें: यह लाभ किसी एक फसल के अधिकतम 2 हेक्टेयर क्षेत्र तक ही सीमित है। यदि एक फसल में 2 हेक्टेयर से कम क्षति हुई है, तो अन्य फसलों के क्षतिग्रस्त क्षेत्र को जोड़कर कुल अधिकतम 2 हेक्टेयर का लाभ दिया जाएगा।
आवेदन की अंतिम तिथियाँ (फसलवार)
विभिन्न फसलों के लिए आवेदन की अंतिम तिथि अलग-अलग निर्धारित की गई है:
-
सरसों: 31 जनवरी 2026
-
गेहूं, ईख व रबी मक्का: 28 फरवरी 2026
-
अन्य फसलें (अरहर, मसूर, आलू, प्याज, गोभी आदि): संबंधित फसल के लिए निर्धारित अलग-अलग तिथियाँ।
महत्वपूर्ण सलाह
-
समय रहते आवेदन करें: अंतिम तिथि का इंतज़ार न करें। तकनीकी समस्या या देरी से बचने के लिए जल्द से जल्द आवेदन पूरा कर लें।
-
सही और पूरी जानकारी दें: आवेदन फॉर्म में भूमि और फसल की सही और पूरी जानकारी देना अत्यंत ज़रूरी है। गलत या अधूरी जानकारी के कारण आवेदन रद्द हो सकता है।
-
फोटोग्राफ का विशेष ध्यान रखें: जीपीएस तस्वीरें लेते समय यह सुनिश्चित करें कि आप और आपकी क्षतिग्रस्त फसल साफ-साफ दिख रही हो। यह सत्यापन के लिए एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है।
-
आधिकारिक स्रोत: किसी भी प्रकार की अतिरिक्त जानकारी या सहायता के लिए अपने जिला सहकारिता पदाधिकारी के कार्यालय या कृषि विभाग से संपर्क करें।
यह योजना बिहार के किसानों को फसल क्षति के समय एक सुरक्षा कवच प्रदान करती है। सभी पात्र किसान भाई इसका लाभ उठाएं और अपना आवेदन समय पर जमा करें।


