पटना, 7 अप्रैल 2026 – बिहार के किसानों के लिए एक अच्छी खबर है। राज्य सरकार ने नए विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं की खरीद (उठान) 1 अप्रैल 2026 से प्रारंभ करने की घोषणा कर दी है। केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के तहत इस बार गेहूं का समर्थन मूल्य ₹2585 प्रति क्विंटल रखा गया है। यह पिछले साल के मुकाबले ₹150 प्रति क्विंटल अधिक है, जिससे किसानों के चेहरे खिल उठे हैं।
बिहार में गेहूं मुख्य रूप से रबी सीजन की फसल है। राज्य के लगभग 22 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की खेती होती है, और इस बार अच्छी बारिश वाले मौसम के कारण उपज बेहतर रहने की उम्मीद है। सरकारी एजेंसियां किसानों से उनके दरवाजे पर या नजदीकी क्रय केंद्रों पर फसल खरीदने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
एमएसपी में बढ़ोतरी: किसानों के लिए फायदे का सौदागर
केंद्रीय कैबिनेट ने 2026-27 के लिए गेहूं का एमएसपी ₹2585 प्रति क्विंटल तय किया है, जो कि पिछले साल ₹2425 था। यह 6.6% की वृद्धि है। इस बढ़ोतरी का सीधा लाभ बिहार के लगभग 50 लाख गेहूं किसानों को होगा। सरकार का लक्ष्य इस बार राज्य में लगभग 25 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद करना है।
बिहार सरकार ने सुनिश्चित किया है कि कोई भी किसान अपनी उपज कम दाम पर बेचने को मजबूर न हो। इसके लिए राज्य में 1,500 से अधिक क्रय केंद्र खोले जाएंगे, जिनमें से अधिकांश प्राथमिक कृषि साख समितियों (PACS), भारतीय खाद्य निगम (FCI) और राज्य खाद्य एवं आपूर्ति निगम के होंगे।
गेहूं खरीद प्रक्रिया की मुख्य विशेषताएं (तालिका)
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| फसल | गेहूं (रबी विपणन वर्ष 2026-27) |
| खरीद प्रारंभ तिथि | 1 अप्रैल 2026 |
| खरीद समाप्ति तिथि | 30 जून 2026 (संभावित, मौसम अनुसार बढ़ सकती है) |
| न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) | ₹2585 प्रति क्विंटल |
| पिछले वर्ष का MSP (2025) | ₹2425 प्रति क्विंटल |
| वृद्धि (प्रति क्विंटल) | ₹150 (6.6% की बढ़ोतरी) |
| राज्य में क्रय लक्ष्य | लगभग 25 लाख मीट्रिक टन |
| क्रय केंद्रों की संख्या | 1,500 से अधिक |
| खरीद करने वाली एजेंसियां | FCI, बिहार राज्य खाद्य एवं आपूर्ति निगम, PACS, मार्कफेड |
गेहूं बेचने के लिए आवश्यक दस्तावेज और प्रक्रिया (तालिका)
| दस्तावेज / कदम | विवरण |
|---|---|
| भू-स्वामित्व प्रमाण पत्र | यह साबित करने के लिए कि किसान जमीन का मालिक है। |
| पहचान पत्र | आधार कार्ड, वोटर आईडी, या ड्राइविंग लाइसेंस। |
| बैंक खाता विवरण | पासबुक की कॉपी और IFSC कोड (डीबीटी के लिए आवश्यक)। |
| फसल पंजीकरण (ई-किसान/रबी पंजीकरण) | राज्य सरकार के पोर्टल पर पंजीकरण संख्या। |
| उपज की मात्रा का प्रमाण | ग्राम पंचायत या पटवारी द्वारा जारी फसल प्रमाण पत्र। |
प्रक्रिया: किसान सबसे पहले अपने नजदीकी क्रय केंद्र पर जाकर पंजीकरण कराते हैं। वहां उनकी उपज की गुणवत्ता (नमी, विदेशी पदार्थ आदि) की जांच की जाती है। मानकों पर खरी उतरने पर MSP के अनुसार भुगतान किसान के बैंक खाते में 48 घंटों के भीतर डीबीटी के माध्यम से कर दिया जाता है।
बिहार में गेहूं खरीद से जुड़ी अहम बातें
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गुणवत्ता मानदंड: खरीदी जाने वाली गेहूं की फसल में नमी अधिकतम 14% होनी चाहिए। इससे अधिक नमी पर किसान को कम दाम दिए जा सकते हैं या खरीद अस्वीकार की जा सकती है। सरकार ने किसानों को सलाह दी है कि वे गेहूं को अच्छी तरह धूप में सुखाकर लाएं।
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किसानों को सुविधा: इस बार कई क्रय केंद्रों पर ऑनलाइन टोकन प्रणाली लागू की गई है, ताकि किसानों को लंबी कतारों में न लगना पड़े। किसान घर बैठे मोबाइल ऐप से अपनी पाली (शिफ्ट) बुक कर सकते हैं।
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बिचौलियों पर रोक: सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी बिचौलिए या दलाल को क्रय केंद्रों पर न आने दिया जाए। प्रत्यक्ष खरीद से किसानों को पूरा मूल्य मिलेगा।
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उपार्जन की स्थिति: पिछले साल बिहार में 22 लाख टन गेहूं की खरीद हुई थी। इस बार अच्छी पैदावार के चलते लक्ष्य 25 लाख टन रखा गया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रश्न 1: क्या बिहार में गेहूं की खरीद वास्तव में 1 अप्रैल से शुरू हो रही है?
उत्तर: हां, बिहार सरकार के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अनुसार, राज्य में गेहूं की उठान 1 अप्रैल 2026 से प्रारंभ हो चुकी है या तुरंत शुरू होगी। सभी क्रय केंद्रों को इस तारीख तक चालू करने के निर्देश दे दिए गए हैं।
प्रश्न 2: गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) प्रति क्विंटल कितना है?
उत्तर: केंद्र सरकार ने विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं का MSP ₹2585 प्रति क्विंटल तय किया है। यह दर पूरे देश में समान है, और बिहार में भी यही लागू होगी।
प्रश्न 3: मैं अपना गेहूं कहां बेच सकता हूं?
उत्तर: आप अपने नजदीकी सरकारी क्रय केंद्र पर गेहूं बेच सकते हैं। इन केंद्रों की सूची आप अपने जिला आपूर्ति कार्यालय, प्रखंड कार्यालय, या राज्य खाद्य निगम की वेबसाइट पर देख सकते हैं। इसके अलावा कई ग्राम पंचायतों में भी अस्थायी केंद्र बनाए गए हैं।
प्रश्न 4: क्या कोई सीमा है कि एक किसान कितना गेहूं बेच सकता है?
उत्तर: हां, आमतौर पर सरकारी एजेंसियां प्रति किसान अधिकतम 40 क्विंटल गेहूं खरीदती हैं, लेकिन बड़े किसानों के लिए यह सीमा 200 क्विंटल तक बढ़ाई जा सकती है। सटीक जानकारी के लिए अपने क्रय केंद्र के प्रभारी से संपर्क करें।
प्रश्न 5: अगर मेरे गेहूं में नमी ज्यादा है तो क्या होगा?
उत्तर: यदि गेहूं में नमी 14% से अधिक है, तो उसे खरीदने से मना कर दिया जाएगा। आपको अपनी फसल को अच्छी तरह से सुखाकर फिर से लाना होगा। इसलिए बेहतर होगा कि गेहूं की कटाई के बाद उसे कम से कम 2-3 दिन धूप में जरूर सुखाएं।
प्रश्न 6: भुगतान कैसे मिलेगा? क्या नकद मिलेगा?
उत्तर: अब नकद भुगतान की व्यवस्था नहीं है। सभी भुगतान सीधे किसान के बैंक खाते में डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ अंतरण) के माध्यम से किए जाते हैं। गेहूं बेचने के बाद अधिकतम 48 घंटों के भीतर राशि आपके खाते में आ जाएगी। सुनिश्चित करें कि आपका खाता आधार से लिंक हो।
प्रश्न 7: क्या बिना पट्टे वाले किसान (भूमिहीन काश्तकार) भी गेहूं बेच सकते हैं?
उत्तर: हां, यदि आप किसी दूसरे की जमीन पर गेहूं उगाते हैं, तो आपको अपने नाम पर फसल पंजीकरण कराना होगा और भू-स्वामी की अनुमति पत्र लाना होगा। ऐसे किसानों को भी एमएसपी पर गेहूं बेचने की अनुमति है, लेकिन उन्हें अतिरिक्त दस्तावेज (जैसे काश्तकारी प्रमाण पत्र) जमा करने होंगे।
प्रश्न 8: अगर मुझे सरकारी क्रय केंद्र पर कम दाम दिया जाए या परेशान किया जाए तो कहां शिकायत करें?
उत्तर: आप टोल-फ्री नंबर 1800-180-1551 पर कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा, जिला स्तर पर खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी (DISO) को शिकायत दर्ज कराएं। राज्य स्तर पर ‘बिहार राज्य खाद्य आपूर्ति निगम’ के हेल्पलाइन नंबर पर भी संपर्क किया जा सकता है।
निष्कर्ष
बिहार सरकार और केंद्र सरकार के इस संयुक्त प्रयास से राज्य के गेहूं किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिल सकेगा। ₹2585 प्रति क्विंटल का MSP, पिछले साल से ₹150 अधिक होने के कारण किसानों के आत्मविश्वास को बढ़ाएगा। सभी किसानों से अनुरोध है कि वे अपनी उपज को साफ-सुथरा, सूखाकर और आवश्यक दस्तावेजों के साथ नजदीकी क्रय केंद्र पर ले जाएं। यह अवसर बिचौलियों को बायपास कर सीधे सरकार को फसल बेचने का है। समय पर पंजीकरण कराएं और सरकारी योजना का लाभ उठाएं।


