यूपी मक्का खरीद नीति 2026 न्यूनतम समर्थन मूल्य: 25 जिलों में 150 केंद्र, किसानों को 48 घंटे में सीधे खाते में मिलेगा पैसा

प्रिय किसान भाइयों, आपके लिए बेहद अहम खबर है। उत्तर प्रदेश सरकार ने आपकी आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली कैबिनेट ने खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए मक्का खरीद नीति को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत, राज्य सरकार किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर मक्का खरीदेगी, जिससे आपको अपनी उपज का उचित और लाभकारी दाम मिल सकेगा।

मक्का खरीद की मुख्य बातें

पैरामीटर विवरण
न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹2400 प्रति क्विंटल
खरीद अभियान की अवधि 15 जून 2026 से 31 जुलाई 2026 तक
लक्ष्य (खरीदी जाने वाली मात्रा) 25,000 मीट्रिक टन
क्रय केंद्रों की संख्या 150
भुगतान अवधि खरीद के 48 घंटों के भीतर, सीधे किसान के बैंक खाते में

किन जिलों में मिलेगा लाभ? (25 जिले)

सरकार ने राज्य के 25 जिलों में 150 क्रय केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया है。खरीद प्रक्रिया मुख्य रूप से उन क्षेत्रों में होगी जहां मक्के का उत्पादन अधिक है。यहां उन जिलों की पूरी सूची दी गई है:

  • पश्चिमी यूपी के जिले: आगरा, अलीगढ़, एटा, कासगंज, हाथरस, मैनपुरी, फिरोजाबाद, बुलंदशहर, हापुड़, बदायूं, संभल, रामपुर और शाहजहांपुर

  • मध्य और पूर्वी यूपी के जिले: औरैया, इटावा, कन्नौज, कानपुर नगर, फर्रुखाबाद, उन्नाव, हरदोई, फतेहपुर, गोंडा, बहराइच, बलिया और मिर्जापुर

मक्का बेचने के लिए जरूरी दस्तावेज़

इस योजना का लाभ उठाने के लिए, किसानों को निम्नलिखित दस्तावेज़ क्रय केंद्र पर ले जाने होंगे:

  1. कंप्यूटरीकृत खतौनी: आपकी ज़मीन का नवीनतम राजस्व रिकॉर्ड

  2. आधार कार्ड: भुगतान सीधे आधार-लिंक बैंक खाते में आएगा

  3. एक फोटो पहचान पत्र: जैसे कि वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, या पैन कार्ड

सलाह: सरकार ज़मीन और बोए गए रकबे का सत्यापन ऑनलाइन राजस्व विभाग के रिकॉर्ड से करेगी। इसलिए, अपनी खतौनी ज़रूर साथ रखें

सरकार का मुख्य उद्देश्य

इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को मुनाफे वाली कीमत दिलाना और उन्हें मंडी में मक्का कम दाम पर बेचने के लिए मजबूर होने से बचाना है। पिछले सालों में किसानों को अक्सर मंडी में सही दाम नहीं मिल पाता था, लेकिन अब सरकार सीधे एमएसपी पर खरीद कर रही है

प्रक्रिया की निगरानी

सरकार ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से चले और किसानों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। सभी क्रय केंद्रों पर नियमित निगरानी रखी जाएगी। अगर किसी किसान को किसी तरह की समस्या होती है, तो वे इसकी शिकायत संबंधित अधिकारी से कर सकते हैं।

भुगतान कैसे और कब मिलेगा?

एक बार जब आपका मक्का खरीद लिया जाता है, तो आपको 48 घंटों के भीतर आपके आधार-लिंक बैंक खाते में भुगतान कर दिया जाएगा। भुगतान सीधे सरकार के पीएफएमएस (Public Financial Management System) पोर्टल के माध्यम से ट्रांसफर किया जाएगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. क्या मैं अपने गांव के बाहर भी मक्का बेच सकता हूँ?
हाँ, आप किसी भी सरकारी क्रय केंद्र पर मक्का बेच सकते हैं, चाहे वह आपके जिले में हो या किसी दूसरे जिले में।

2. अगर मेरी खतौनी पुरानी है तो क्या होगा?
पुरानी खतौनी पर खरीद प्रक्रिया नहीं होगी। आपको अपनी नवीनतम कंप्यूटरीकृत खतौनी लानी होगी।

3. क्या मैं अपना मक्का एमएसपी से ऊपर के दाम पर बेच सकता हूँ?
बिल्कुल। यह एमएसपी सरकार द्वारा तय की गई न्यूनतम कीमत है। अगर बाजार में इससे अधिक दाम मिल रहा है, तो आप वहां भी बेच सकते हैं।

4. क्या इस योजना के तहत केवल खरीफ मक्का ही खरीदा जाएगा?
जी हाँ, यह खरीफ विपणन वर्ष के लिए है। रबी के मक्के के लिए अलग योजना हो सकती है।

5. क्या रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है?
हाँ, केवल पंजीकृत किसान ही इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। पंजीकरण के लिए आपको अपने मोबाइल नंबर का उपयोग करना होगा।

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